करौँदीकला -सुल्तानपुर कभी महाराजा हरिश्चंद्र ने काशी के डोम राजा के सेवक के रूप में घाट पर शवों के अंतिम संस्कार के पहले दान जमा कराया था। तब दान अनिवार्य था पर यह देने वाले की इच्छा पर निर्भर करता था लेकिन अब ऐसा नहीं है।मौत के बाद कलयुग के डोम राजा तो जबरदस्ती वसूली पर उतर आए हैं। क्षेत्र के इब्राहिमपुर स्थित गोमती नदी के तट पर अपने स्वजन को खोकर रो रहे लोगों से डोम अंतिम संस्कार के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। चिता सजाने, शव को चिता पर रखने और अंतिम संस्कार के लिए मनमानी ढंग से अवैध रुपये वसूल किये जा रहे हैं। एक तरफ सफ़ेद कपड़ों में लिपटा स्वजन का शव और दूसरी तरफ रुपये देने का दबाव लोगों को तोड़ दे रहा है। स्वजन अपनी बेबसी पर फिर रो पड़ रहे हैँ, तानाशाही व्यवस्था तिल-तिलकर मर रही है।घाट पर इब्राहिमपुर निवासी डोम बांकेलाल लाशों से सौदा करते हैँ,मनमानी रकम वसूली की जाती है।ग्राम पंचायत निधि से बने दाह संस्कार में आने वालों के लिए बने प्रतीक्षालय को डोम बांकेलाल ने अपना आशियाना बना लिया है, चारों तरफ से परदे से ढककर परिवार के साथ रहता है। यही नहीं स्थानीय लोग बताते हैँ कि मनमानी ढंग से पैसे कमाकर डोम राजा आलीशान कोठी और ज़मीने भी बनाया है।*घाट पर निर्मित शौचालय, सोलर लाइट बना शोपीस*दाह संस्कार में आये लोगों के लिए बनाया गया शौचालय अपनी दुर्दशा का आलम कुछ इस कदर झेल रहा है कि मानो वज्र टूट पड़ा हो, ऊपर रखी पानी की टंकी, नीचे टूटा दरवाजा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बना हुआ है। वहीँ पुल के किनारे लगा सोलर लाइट चांदनी रात में शोभा बढ़ा रहा है।बिजली सप्लाई न होने के कारण शोपीस बना हुआ है।*गन्दगी ने जकड़ी घाट की मर्यादा*नदी के किनारे लाश जलने के बाद सफाई करने वाला कोई नहीं है। शव पर लगी चुनरी, जली लकड़ी,पॉलीथिन से घाट पटा पड़ा है।*अतिरिक्त प्रतीक्षालय का एक भाग ध्वस्त, आंधी ने छीनी छाया*दाह संस्कार में आये लोगों को बैठने के लिए बनाये गए प्रतीक्षालय पर कुदरत ने जुल्म ढहा दिया है , ऊपर से टीन शेड टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे प्रतीक्षालय में बैठने वालों लोगों को हमेशा गिरने का डर बना रहता है।*नदी में बालू खनन ने पकड़ी रफ़्तार, खनन माफिया मालामाल*घाट के किनारे लगे बालू के ढेर ने मानो नदी का सीना चीरकर रख दिया है, स्थानीय लोग बताते हैँ कि प्रतिदिन खनन माफिया लगातार बालू निकालते हैँ और बिक्री करते हैं। *बोले जनप्रतिनिधि* -ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सर्वेश मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जायेगा, इस तरीके से मनमानी ढंग से दाह संस्कार में किसी को भी अनावश्यक व्यय नहीं करना पड़ेगा। साफ सफाई एवं घाट की दुर्दशा, कब्ज़ा आदि को लेकर जल्द ही अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।ग्राम प्रधान कमलेश निषाद ने बताया कि किसी किसी से बहुत मनमानी ढंग से चार से पांच हजार वसूला जाता है, खाद्यान आदि की मांग की जाती है जो की सरासर गलत है।चूंकि घाट स्थल सकरदे ग्राम सभा के अंतर्गत आता है ऐसे में दाह संस्कार स्वेच्छा से कराई जाय,ग्राम सभा का ही व्यक्ति दाह संस्कार कराये ,कब्ज़ा मुक्त कराया जाय,ऐसी मांग हम सब शासन -प्रशासन से करते हैँ, इसकी आवाज उठाई जाएगी। वहीँ दूसरी तरफ भटौता तुलसी पट्टी के प्रधान भानू प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसी मनमानी से आम जनमानस त्रस्त है, घाट को कब्ज़ामुक्त करते हुए अधिकृत दाह संस्कार कराने वाले की नियुक्ति की जाय। जिससे गरीब जनता का दोहन होने से रोका जा सके।






