उन्नाव के उस कांड ने जिसने पूरे देश की रूह को झकझोर कर रख दिया था, उसमें अब एक ऐसा मोड़ आया है जिसने न्याय की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में उम्रकैद काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत दे दी है। यह वही मामला है जिसने सात साल पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था की चूलें हिला दी थीं।इस पूरी कहानी की शुरुआत 2017 में हुई थी, जब एक नाबालिग लड़की ने बांगरमऊ से तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार के गंभीर आरोप लगाए थे। उस वक्त यह लड़ाई ‘व्यवस्था बनाम एक गरीब परिवार’ की बन गई थी। पुलिस ने महीनों तक केस दर्ज नहीं किया, जिसके बाद हारकर पीड़िता ने 2018 में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की। इसके ठीक अगले दिन पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की संदिग्ध मौत हो गई, जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। इस घटना ने पूरे देश को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई और सेंगर को गिरफ्तार किया गया। लेकिन रसूख का कहर यहीं नहीं थमा। जुलाई 2019 में जब पीड़िता अपने वकील और परिजनों के साथ रायबरेली जा रही थी, तब एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मारी। इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि पीड़िता खुद महीनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस केस को दिल्ली ट्रांसफर किया गया, जहां 2019 के आखिर में सेंगर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।अब, जबकि सेंगर करीब पांच साल जेल में काट चुका है, हाईकोर्ट ने उसकी अपील लंबित होने के आधार पर उसे रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने शर्त रखी है कि वह पीड़िता के घर से 5 किलोमीटर दूर रहेगा, दिल्ली नहीं छोड़ेगा और हर हफ्ते थाने में हाजिरी देगा। लेकिन पीड़िता का परिवार इस फैसले से टूट चुका है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने उनके परिवार के कई सदस्यों को खोने की वजह बनी, उसका जेल से बाहर आना उनके लिए खुली मौत के वारंट जैसा है।पिता की हत्या और बलात्कार के दो अलग-अलग मामलों में सजा काट रहे सेंगर के लिए यह कानूनी राहत बड़ी जरूर है, लेकिन यह उन हजारों लोगों के लिए एक धक्का है जो रसूखदारों के खिलाफ न्याय की आस लगाए बैठे थे। फिलहाल पीड़िता का परिवार डरा हुआ है और एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर इंसाफ की गुहार लगा रहा है।








