लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चीन को लेकर किए गए दावे पर सियासी हमले शुरू हो चुके हैं। मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार 04 फरवरी 2025 को राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वो झूठ बोल रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, “राहुल गांधी ने 03 फरवरी 2025 को संसद में भाषण के दौरान भारत-चीन सीमा पर स्थिति को लेकर सेना प्रमुख के बयान के बारे में झूठे आरोप लगाए। सेना प्रमुख की टिप्पणी में केवल दोनों पक्षों द्वारा पारंपरिक गश्त में व्यवधान का उल्लेख था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में हुई सैन्य वापसी के हिस्से के रूप में इन प्रथाओं को उनके पारंपरिक स्वरूप में बहाल किया गया है। सरकार ने संसद में ये विवरण साझा किए हैं”।
जो राहुल ने कहा वो सेना प्रमुख ने कभी बोला ही नहीं: राजनाथ सिंह
अपनी बात आगे रखते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “राहुल गांधी द्वारा सेना प्रमुख के लिए कहे शब्द कभी भी उनके द्वारा नहीं बोले गए थे। यह बहुत खेद की बात है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय हित के मामलों पर गैरजिम्मेदार राजनीति में लिप्त हैं। अगर कोई भारतीय क्षेत्र है जिस पर चीन ने कब्जा किया है तो वह 1962 के युद्ध के परिणामस्वरूप अक्साई चीन में 38,000 वर्ग किमी और 1963 में पाकिस्तान द्वारा चीन को अवैध रूप से सौंपे गए 5,180 वर्ग किमी क्षेत्र हैं। राहुल गांधी हमारे इतिहास के इस चरण के बारे में आत्मनिरीक्षण करने पर विचार कर सकते हैं”।
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लगाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग का काम चीनी कंपनियों को दे दिया गया है”। उन्होंने मोबाइल फोन हाथ में हिलाते हुए कहा, “ये मेड इंडिया नहीं बल्कि असेंबल्ड इन इंडिया है”। इसके अलावा उन्होंने कहा, “संघर्ष की स्थिति में देश चीन में निर्मित घटकों पर निर्भर रहेगा। चीन भारत के अंदर बैठा है क्योंकि मेक इन इंडिया तो फेल हो गया। प्रधानमंत्री ने इस बात का खंडन किया है और सेना ने प्रधानमंत्री का खंडन किया है कि चीन हमारे इलाके के 4000 वर्ग किलोमीटर पर बैठा है”। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि ये गंभीर मामला है, ऐसे मनचाही बात नहीं बोल सकते।








