चीन ने किया नया कारनामा, मेडिकल की दुनिया में रचा इतिहास। चीन के डॉक्टरों ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार इंसान के शरीर में जीन-एडिटेड सुअर का लिवर ट्रांसप्लांट किया है। क्योंकि इस ट्रांसप्लांट से यह साबित हो गया है कि भविष्य में अंगों की भारी कमी को पूरा करने के लिए सुअर के अंगों का उपयोग किया जा सकता है।
चीन के फोर्थ मिलिट्री मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने 10 मार्च 2024 को एक ब्रेन-डेड इंसान के शरीर में सुअर का लीवर ट्रांसप्लांट किया। अब, ये कोई साधारण सुअर नहीं था. यह एक “मिनिएचर पिग” था, जिसे जेनेटिकली मॉडिफाई किया गया था। इसमें 6 ऐसे जीन एडिट किए गए थे, जो इसे इंसान के शरीर के लिए ज्यादा अनुकूल बनाते हैं।
इस सफलता ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों और मेडिकल क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगा दी है। इस ट्रांसप्लांट के जरिए यह दिखाया गया है कि आने वाले समय में अंगों की भारी कमी को पूरा करने के लिए सुअर के अंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंगों की कमी दुनिया भर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अमेरिका में अकेले 1 लाख से ज्यादा लोग अंग ट्रांसप्लांट के लिए इंतजार कर रहे हैं। इसके समाधान के रूप में वैज्ञानिक लंबे समय से सुअर के अंगों को इंसान में ट्रांसप्लांट करने की दिशा में काम कर रहे हैं क्योंकि सुअर के अंग इंसान के अंगों से काफी मिलते-जुलते होते हैं।
इससे पहले भी सुअर के किडनी और दिल के ट्रांसप्लांट इंसान में किए जा चुके हैं लेकिन लिवर ट्रांसप्लांट ज्यादा चुनौतीपूर्ण था। इस सफलता ने यह भी साबित किया है कि सुअर के अंगों का उपयोग इंसान के शरीर में किया जा सकता है बशर्ते उन्हें सही तरीके से जीन-संशोधन किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रांसप्लांट से भविष्य में लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
इस सफलता ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों और मेडिकल क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगा दी है। इस ट्रांसप्लांट के जरिए यह दिखाया गया है कि आने वाले समय में अंगों की भारी कमी को पूरा करने के लिए सुअर के अंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंगों की कमी दुनिया भर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अमेरिका में अकेले 1 लाख से ज्यादा लोग अंग ट्रांसप्लांट के लिए इंतजार कर रहे हैं। इसके समाधान के रूप में वैज्ञानिक लंबे समय से सुअर के अंगों को इंसान में ट्रांसप्लांट करने की दिशा में काम कर रहे हैं क्योंकि सुअर के अंग इंसान के अंगों से काफी मिलते-जुलते होते हैं।
इससे पहले भी सुअर के किडनी और दिल के ट्रांसप्लांट इंसान में किए जा चुके हैं लेकिन लिवर ट्रांसप्लांट ज्यादा चुनौतीपूर्ण था। इस सफलता ने यह भी साबित किया है कि सुअर के अंगों का उपयोग इंसान के शरीर में किया जा सकता है बशर्ते उन्हें सही तरीके से जीन-संशोधन किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रांसप्लांट से भविष्य में लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।








