दिल्ली: विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी की हार के बाद दिल्ली की सीएम आतिशी मार्लेना ने आज उपराज्यपाल वीके से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा। आतिशी द्वारा त्याग पत्र दिए जाने पर एलजी ने दिल्ली विधानसभा को भंग करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने पिछले साल 21 सितंबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि उनका कार्यकाल महज साढ़े चार महीने का रहा। आतिशी मार्लेना दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं थीं। उनसे पहले भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज और 15 साल तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस की दिवंगत नेता शीला दीक्षित भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
दिल्ली में भाजपा के शानदार प्रदर्शन
शनिवार 8 फरवरी को आए 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा के नतीजों में बीजेपी ने 48 सीट पर जीत हासिल की हैं। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें ही मिली हैं जबकि कांग्रेस लगातार तीसरी बार अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
दिल्ली में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बीच अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के अलावा तीन मंत्रियों गोपाल राय, मुकेश अहलावत और इमरान हुसैन ने जीत के साथ पार्टी की कुछ हद तक साख कायम रखी। कालकाजी विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरीं ‘आप’ की प्रमुख रणनीतिकार आतिशी मार्लेना ने बीजेपी के रमेश बिधूड़ी को 3,521 वोटों के अंतर से हराया।
AAP के दिग्गजों को करना पड़ा हार का सामना
नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़े आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने 4,089 वोटों से हराया। उन्हें कुल 30,088 वोट मिले जबकि ‘आप’ मुखिया अरविंद केजरीवाल 25,999 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। जंगपुरा विधानसभा सीट पर मनीष सिसोदिया बीजेपी के तरविंदर सिंह मारवाह से सिर्फ 675 वोटों से हारे। जबकि मंत्री सौरभ भारद्वाज को ग्रेटर कैलाश में बीजेपी की शिखा रॉय ने 3,188 वोटों से शिकस्त दी। आम आदमी पार्टी के कई दिग्गजों नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।








