मिडिल ईस्ट जंग से पड़ी किचन पर मार, एलपीजी गैस के लिए मचा हाहाकार

भारत से लगभग 3000 किलोमीटर दूर ईरान में चल रही युद्ध का असर अब भारतीय रसोई और उन होटलों और रेस्टोरेंट में भी महसूस की जा रही है, जो कमर्शियल LPG सिलेंडर पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। ईरान जंग और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से LPG कुकिंग गैस की कमी हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में एनर्जी का एक बड़ा ज़रिया है।

बीते कुछ दिनों में LPG एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनों के वीडियो सामने आए हैं। लेकिन बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता और लखनऊ के रेस्टोरेंट और होटलों में यह संकट और भी ज़्यादा महसूस किया जा रहा है।

एलपीजी किल्लत पर सरकार का बड़ा कदम, कोयले से अब जलेंगे चूल्हे

मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण ऊर्जा और गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर तेजी से काम कर रही है। केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर से कोयला मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि वह राज्यों के साथ तालमेल बिठाकर उन इलाकों में कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करे, जहां गैस की कमी है। 

इस योजना के तहत होटल, रेस्टोरेंट, छात्रावास और सामुदायिक रसोइयों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि खाना बनाने जैसी जरूरी सेवाएं बाधित न हों। पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ मिलकर उद्योगों के लिए भी कोयले की विशेष आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है। नियमों में अस्थायी ढील देकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्यों और उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त ईंधन उपलब्ध हो सके।

मिडिल ईस्ट जंग से पड़ी किचन पर मार, एलपीजी गैस के लिए मचा हाहाकार

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