बरेली के जिला मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपते हुए दो बड़े और संवेदनशील कारणों का उल्लेख किया है। उनके इस्तीफे के पीछे की पहली बड़ी वजह माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई एक अप्रिय घटना बताई जा रही है। अग्निहोत्री का मानना है कि उस दौरान जो कुछ भी हुआ, वह धार्मिक और नैतिक दृष्टिकोण से अनुचित था, जिससे उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंची।इस्तीफे का दूसरा तकनीकी कारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों का कथित उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक स्तर पर यूजीसी के तय मानकों और कानूनों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके साथ तालमेल बिठाना उनके लिए संभव नहीं था। एक आम नागरिक के तौर पर उन्होंने इसे अपनी अंतरात्मा की आवाज बताया है। वर्तमान में यह इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा धार्मिक आस्था और शिक्षा कानूनों के मुद्दे पर पद छोड़ना विरले ही देखा जाता है। शासन की ओर से अब तक इस इस्तीफे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।






