अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल भारत में हुए लोकसभा चुनावों में अमेरिकी फंडिंग का दावा कर मचा दिया हड़कंप। अमेरिकी एजेंसी USAID द्वारा भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कथित तौर पर 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग रद्द किए जाने के बाद अब भारत सरकार हरकत में आ गई है।
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि देश के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की खबरें चिंताजनक है। सरकार ने कहा है कि इसे लेकर जाँच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आपको बता दें कि बीते बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने USAID की फंडिंग को रद्द करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि इस पैसे का इस्तेमाल भारत में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए किया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “हमने अमेरिकी प्रशासन द्वारा अमेरिका की गतिविधियों और फंडिंग के बारे में दी गई जानकारी देखी है। ये रिपोर्ट्स जाहिर तौर पर परेशान करने वाली हैं। इससे भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की चिंता पैदा हुई है”। रणधीर जायसवाल ने कहा कि संबंधित विभाग और अधिकारी इस मामले की जाँच कर रहे हैं और फिलहाल इस मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सही नहीं है”।
ट्रंप की सरकार के सरकारी दक्षता विभाग यानी DOGE ने 16 फरवरी को घोषणा की थी कि उसने कई परियोजनाओं सहित भारत के USAID फंडिंग को रद्द करने का फैसला लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी फंडिंग पर सवाल उठाते हुए पूछा, “हमें भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर खर्च करने की आवश्यकता क्यों है? 21 मिलियन डॉलर! मुझे लगता है कि वे किसी और को चुनाव जिताने की कोशिश कर रहे थे”।








