गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद अब शुक्रवार (17 अक्टूबर) को मंत्रिपरिषद का विस्तार होने जा रहा है। यह फैसला राज्य में आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों और संगठनात्मक संतुलन को साधने के लिए लिया गया ‘मोदी फॉर्मूला’ बताया जा रहा है। वर्तमान मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 मंत्री थे, जिनमें 8 कैबिनेट स्तर के और 8 राज्य मंत्री थे। विधानसभा में अधिकतम 27 मंत्री हो सकते हैं (कुल सदस्यों का 15 प्रतिशत)। माना जा रहा है कि इस विस्तार में लगभग 10 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है और कुछ पुराने मंत्रियों को बदला जा सकता है। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार सुबह 11:30 बजे गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में होगा। यह फेरबदल 2026 में होने वाले नगर निगम और पंचायत चुनावों के मद्देनजर भी अहम माना जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी ने इस तरह का कदम उठाया है; 2021 में भी पूरी सरकार बदल दी गई थी। इस बार के विस्तार में रिवाबा जडेजा और हर्ष सांघवी जैसे नेताओं को जगह मिलने की संभावना है। नए मंत्रिमंडल में जातिगत और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान रखा जाएगा।






