भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में शुक्रवार की सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। जिसके झटके भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन समेत 5 पांच देशों में महसूस किए गए। म्यांमार और थाईलैंड में 23 लोगों की जान गई है।
म्यांमार में भीषण भूकंप से बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका है। इसके अलावा थाईलैंड में भी इमारतें भरभराकर ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में दबे हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार कुल 20 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान चल रहा है। म्यामांर में भारतीय समयानुसार 11:52 पर पहला जलजला आया और फिर 12 बजे के बाद दूसरा झटका लगा। दोनों बार तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 से अधिक थी, जो विनाशकारी माना जाता है। पहली बार में 7.2 की तीव्रता का भूकंप था, जबकि दूसरी बार में यह और तेज होते हुए 7.7 हो गया। इन झटकों ने पूरे म्यामांर को हिला डाला और पल भर में ऊंची इमारतें जमींदोज हो गईं।
थाईलैंड में इमरजेंसी लगा दी गई है और सभी हवाई उड़ानों को स्थगित कर दी गई हैं। हवाई अड्डों और सबवे को बंद कर दिया है। एक तरह से एयरपोर्ट पर लॉकडाउन जैसी स्थिति है। शहर-दर-शहर से भूकंप की तस्वीरें आ रही हैं, जो झकझोर देने वाली हैं।
इस प्राकृतिक आपदा पर दुनियाभर की नजरें है। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूँ। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूँ। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कह दिया गया है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है’।








