जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंतर्गत कादीपुर के संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन विविध रचनात्मक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत स्वयंसेवकों ने प्रातः नित्यकर्म के पश्चात शिविर स्थल की साफ-सफाई से की। तत्पश्चात प्रार्थना स्थल पर पहुंचकर सभी स्वयंसेवकों ने ईश्वर की प्रार्थना की और सकारात्मक ऊर्जा के साथ दिन के कार्यों की शुरुआत की। इसके उपरांत स्वयंसेवकों ने अपने-अपने कार्यक्रम अधिकारियों के साथ बैठकर आज की कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया। योजना के अनुसार चारों इकाइयां अपने-अपने चयनित गांवों में श्रमदान एवं सर्वे कार्य हेतु रवाना हुईं। गांव पहुंचकर स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर लोगों को एड्स वायरस से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया। साथ ही साक्षरता अभियान के अंतर्गत अशिक्षित लोगों की सूची तैयार की तथा उन्हें अपना नाम लिखना एवं हस्ताक्षर करना सिखाया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और जिनका मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है, उन्हें फॉर्म-6 भरने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही गांव की नालियों की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया तथा ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों का अवलोकन भी किया। इसके पश्चात स्वयंसेवक शिविर स्थल वापस लौटे, जहां स्नान आदि के बाद भोजन हेतु पंक्तिबद्ध होकर बैठे। भोजन मंत्र के उच्चारण के साथ सभी ने भोजन ग्रहण किया।
अपराह्न 1:30 बजे बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बौद्धिक सत्र का विषय ‘महिला पोषण एवं स्वास्थ्य’ रखा गया। इस सत्र में वक्ता के रूप में डॉ ज़ीनत रफीक, दीपा मिश्रा एवं डॉ प्रज्ञा बरनवाल उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने महिलाओं के संतुलित आहार, स्वास्थ्य एवं पोषण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार और समाज की समृद्धि का आधार है, इसलिए उनके पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों के साथ प्रो. जितेंद्र कुमार तिवारी, श्री के.पी.तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेविका दिशा पांडेय ने किया।
कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने समाज में जागरूकता फैलाने और सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पूरे दिन के कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुए।






