बिहार में तेजी से बढ़ रहा बर्ड फ्लू का खतरा। अब तक पटना, भागलपुर और जहानाबाद में इसके मामले सामने आ चुके हैं, जिससे सरकार सतर्क हो गई है। केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी किया अलर्ट और प्रभावित क्षेत्रों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। पशुपालन विभाग की टीमें लगातार सैंपल के जाँच और फार्म सेनेटाइजेशन में जुटी हैं।
बर्ड फ्लू से प्रभावित मुर्गे, मुर्गी या अन्य पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से यह इंसानों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। संक्रमण के 3-5 दिनों बाद लक्षण उभरते हैं, जिनमें तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, पेट दर्द और नाक-मसूड़ों से खून आना शामिल हैं।
इस वर्ष बिहार में बर्ड फ्लू का पहला मामला जहानाबाद से आया। जहानाबाद में एक कौवे की मौत की खबर से सामने आयी, जिसके बाद पटना के आईसीएआर परिसर और भागलपुर में मुर्गियों में संक्रमण की पुष्टि पाई गई। इसके बाद बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में मुर्गियों को मारकर सुरक्षित दफनाया गया।








