न्यूयॉर्क: एक शीर्ष अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि 60 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली हिंदी भाषा इस वैश्विक संगठन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण भाषा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 13 फरवरी बृहस्पतिवार को अपने परिसर में ‘बहुभाषावाद और विदेशों में हिंदी का प्रचार’ थीम पर आधारित विश्व हिंदी दिवस मनाया। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि भारत का समाज बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक ताने-बाने से बना हुआ है।
सावित्री ठाकुर ने बताया
वह इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में हुई थी शामिल। ‘मिशन’ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सावित्री ठाकुर ने बताया कि हिंदी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए कई पहल की जा रही हैं और संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसकी महत्ता को स्वीकार किए जाने से यह एक वैश्विक भाषा बनेगी। संयुक्त राष्ट्र में ‘ग्लोबल कम्युनिकेशंस’ की अवर महासचिव मेलिसा फ्लेमिंग ने कहा कि हिंदी 60 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती है और यह संयुक्त राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भाषा है।
हिंदी को बढ़ावा देने के लिए भारत ने 70 लाख डॉलर का दिया योगदान
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी.हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में बताया कि हिंदी को अब संयुक्त राष्ट्र की अनौपचारिक भाषाओं की सूची में जोड़ा गया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक समाचार सेवा ‘यूएन न्यूज’ में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए लगभग 70 लाख डॉलर का योगदान दिया है। कार्यक्रम में कई प्रमुख शिक्षाविदों ने भी भाग लिया और अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार से जुड़े अपने अनुभवों को भी साझा किए। 10 जनवरी 2006 को भारत सरकार ने विश्व हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत की थी ताकि हिंदी को वैश्विक स्तर पर अधिक लोकप्रिय बनाया जा सके।








