मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। दिन में तेज धूप और सुबह-रात की हल्की ठंड के कारण जिले के अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। पिछले एक सप्ताह में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया है।हर उम्र के लोग चपेट मेंबदलते मौसम की वजह से सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। जिले के ओपीडी और मोहल्ला क्लीनिकों में सुबह से ही पंजीकरण के लिए लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, जिससे वायरस आसानी से लोगों को शिकार बना रहे हैं।विशेषज्ञ की राय: सावधानी ही सबसे बड़ा बचावहाजरा क्लिनिक (सुलतानपुर) उत्तर प्रदेश के मशहूर चिकित्सक डॉक्टर फैज़ान ने बताया कि इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। उनके अनुसार, “वर्तमान में ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज तेज बुखार, गले में संक्रमण और कमजोरी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। लोग दिन की धूप को देखकर ठंडे पानी या फ्रिज की चीजों का सेवन शुरू कर देते हैं, जो शरीर के लिए घातक साबित हो रहा है।”डॉक्टर फैज़ान (हाजरा क्लिनिक) की मुख्य सलाह:ताजा भोजन लें: बासी खाने और बाहर के खुले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करें।पानी का सही सेवन: शरीर को हाइड्रेटेड रखें, लेकिन बहुत ठंडा पानी पीने से बचें। गुनगुना पानी इस समय सबसे ज्यादा लाभदायक है।पूरी नींद और आराम: वायरल इन्फेक्शन की स्थिति में शरीर को आराम की सख्त जरूरत होती है।खुद से दवा न लें: बिना डॉक्टरी परामर्श के एंटीबायोटिक या पेनकिलर लेना खतरनाक हो सकता है। यदि बुखार 2 दिन से ज्यादा रहे, तो तुरंत जांच करवाएं।बॉक्स न्यूज़: बढ़ रहा है संक्रमण का खतरास्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सचेत किया है कि बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, इसलिए बुखार को सिर्फ सामान्य वायरल न मानकर उसकी सही जांच कराना जरूरी है। हाजरा क्लिनिक जैसे केंद्रों पर मरीजों को विशेष रूप से स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरों से बचाव की सलाह दी जा रही है।






