उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के बयान ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जिले की गोपामऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए खुले मंच से कह दिया कि पत्थर की मूर्तियों के आगे गिड़गिड़ाने से कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि आज के समय में असली भगवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।यह पूरा वाकया 14 अप्रैल को डॉ. बी.आर. अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का है। हरदोई में पासी समाज के एक सम्मेलन में विधायक श्याम प्रकाश बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इसी दौरान मंच से भाषण देते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे जिंदा इंसान को भगवान मानते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो मूर्तियां खुद कुछ नहीं कर सकतीं, वे आम इंसान को क्या देंगी। इसके उलट, उनका मानना है कि मोदी और योगी में जनता को बहुत कुछ देने की क्षमता है, इसलिए अगर उन्हें आज का भगवान मान लिया जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है।विधायक के इस भाषण का वीडियो वहां मौजूद किसी शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया और कुछ ही देर में यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। एक तरफ जहां कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताया, तो वहीं कुछ लोगों ने इसे नेताओं की चाटुकारिता की हद करार दिया। इस बयान के बाद विपक्षी दलों को भी बैठे-बिठाए सत्ता पक्ष पर निशाना साधने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।बयान पर विवाद बढ़ता देख और मामले को तूल पकड़ता देख विधायक श्याम प्रकाश को अपनी सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा। उन्होंने कहा है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं या मूर्ति पूजा को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था। विधायक के मुताबिक, वे तो बस समाज में फैले अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ अपनी राय रख रहे थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोदी और योगी को भगवान बताने वाली बात उनका पूरी तरह से व्यक्तिगत विचार है, क्योंकि दोनों नेता निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा कर रहे हैं और उनके पास लोगों का भला करने की शक्ति है।फिलहाल, विधायक की इस सफाई के बाद भी मामले की गूंज पूरी तरह से शांत होती नहीं दिख रही है। अब देखना यह होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस विवादित बयान पर क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्या नया राजनीतिक रंग लेता है।






