मिशन शक्ति के तहत जीत बहादुर सिंह इंटर कॉलेज की छात्रा सौम्या बनी एक दिन के लिए प्रिंसिपल

मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद सुल्तानपुर के लंभुआ क्षेत्र के गारवपुर ग्राम में स्थित जीत बहादुर सिंह इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा सौम्या अग्रहरि को एक दिन के लिए प्रिंसिपल का पद सौंपा गया।स्कूल के प्रिंसिपल राहुल शुक्ला से बात करने पर उन्होंने बताया की प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने का प्रयास कर रहे है।स्कूल के इस कदम के लिए क्षेत्र में लोगो द्वारा प्रशंसा किया जा रहा है जो कि बालिका शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। मिशन शक्ति के बारे में आगे बताए तो उत्तर प्रदेश में यह अभियान चल रहा है जिसमे महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाया जा रहा एक प्रमुख राज्य सरकार का कार्यक्रम है। इस अभियान की शुरुआत अक्टूबर 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी और इसका उद्देश्य महिलाओं को हिंसा, शोषण व अपराध से संरक्षण देना, न्याय दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन शक्ति के तहत राज्य में जागरूकता अभियान, महिला हेल्पलाइन (1090, 181), महिलाओं की काउंसलिंग, थानों में महिला डेस्क, पिंक बूथ व पिंक पुलिस पेट्रोलिंग, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता शिविर, कानून संबंधी जानकारी और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं।नई नीति के तहत पुलिस, प्रशासन, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण सहित कई विभाग तालमेल से काम करते हैं ताकि महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम की जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। मिशन शक्ति अभियान के तीसरे फेज में महिलाओं के लिए स्वरोजगार और स्टार्टअप को भी आगे बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें उनको ऋण, ट्रेनिंग, और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल तेज की गई है। सरकार ने कई जगह महिलाओं के लिए नई कार्यप्रणाली जैसे ‘शक्ति चौपाल’ और ‘महिला सशक्तिकरण केंद्र’ भी शुरू किए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर उनकी समस्याएं समझी और हल की जा सकें।राज्य में मिशन शक्ति से जुड़े कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल डैशबोर्ड, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाए जा रहे हैं जिससे पारदर्शिता बनी रहे और शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके। इस अभियान की वजह से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध दर में कमी, रिपोर्टिंग की बढ़ोत्तरी और विधिक सहायता में सुधार देखने को मिला है।इसी क्रम में सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ इत्यादि योजनाओं को भी मिशन शक्ति से जोड़ा है। कुल मिलाकर, यूपी का मिशन शक्ति केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि महिलाओं के समग्र उन्नयन और उन्हें समाज में सुरक्षा व सम्मान की गारंटी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और व्यापक पहल है।

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