सुल्तानपुर (विजेथुआ धाम): आस्था, अध्यात्म और भक्ति का अनूठा संगम इन दिनों सुल्तानपुर के प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल विजेथुआ महावीरन धाम में देखने को मिल रहा है। धाम परिसर में स्थित ऐतिहासिक मकारीकुण्ड सरोवर के तट पर प्रत्येक मंगलवार की शाम को होने वाली भव्य ‘गंगा आरती’ और भजन-कीर्तन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन चुकी है।वाराणसी के गंगा घाटों की तर्ज पर आयोजित होने वाली इस महाआरती का क्षेत्र के समाजसेवी और अनन्य हनुमान भक्त राहुल सिंह ‘बजरंग’ ने उठाया है। उन्हीं के संयोजन और नेतृत्व में इस पूरी आरती का भव्य आयोजन किया जाता है।भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो जाता है माहौलमंगलवार शाम ढलते ही मकारीकुण्ड का पूरा तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है। आरती से ठीक पहले स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों द्वारा सुंदर भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी जाती है। ढोलक, मंजीरे और शंख की ध्वनि के बीच जब श्रद्धालु झूमते हैं, तो पूरा वातावरण अलौकिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।राहुल सिंह ‘बजरंग’ की अनूठी पहलइस आयोजन के मुख्य सूत्रधार राहुल सिंह ‘बजरंग’ का कहना है कि:”विजेथुआ महावीरन धाम एक अत्यंत पवित्र और पौराणिक स्थल है। मकारीकुण्ड सरोवर की महत्ता को जन-जन तक पहुँचाने और क्षेत्र में सनातन संस्कृति व भक्ति भावना का विस्तार करने के उद्देश्य से इस साप्ताहिक महाआरती की शुरुआत की गई है। इसमें क्षेत्र के युवाओं और बुजुर्गों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।”उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भारी भीड़आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब बड़े-बड़े दीपकों से मकारीकुण्ड सरोवर की आरती उतारी जाती है, तो वह दृश्य देखने लायक होता है। इस अलौकिक नजारे को देखने और बजरंग बली का आशीर्वाद लेने के लिए हर मंगलवार को आसपास के जिलों से भी भारी संख्या में भक्तगण यहाँ पहुँच रहे हैं। आरती के समापन पर सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया जाता है। धाम के पुजारियों और स्थानीय निवासियों ने राहुल सिंह ‘बजरंग’ के इस धार्मिक कार्य की सराहना की है।






