आस्था और उल्लास का प्रतीक विजेथुआ महोत्सव आज भव्य रथयात्रा के साथ शुरू हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जयकारों और भजन-कीर्तन के बीच भगवान के रथ को खींचा और पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो उठा।महोत्सव के संचालक विवेक तिवारी ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव नौ दिवस तक चलेगा। इसमें धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और क्षेत्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। उन्होंने कहा कि दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, पार्किंग और स्वास्थ्य शिविर जैसी व्यवस्थाएँ की गई हैं।श्रद्धालुओं ने रथयात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक श्रद्धालु ने कहा – “विजेथुआ महोत्सव हमारी आस्था का प्रतीक है, हर साल हम पूरे परिवार के साथ इसमें शामिल होते हैं।”प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतज़ाम किए हैं। पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों को भी जगह-जगह तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और महोत्सव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।भक्ति, संस्कृति और जनभागीदारी के इस संगम ने विजेथुआ क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया है। आने वाले दिनों में यहाँ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा पूरे जिले को आकर्षित करेगी।






