प्रयागराज: महाकुंभ में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भारी भीड़ की वजह से सीमाओं पर जाम लग रहा महा जाम। कई रास्तों पर तो किमी लंबा जाम भी देखने को मिला, जिसकी वजह से प्रयागराज से सटी सीमाओं पर इमरजेंसी की स्थिति बनी हुई है। 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के स्नान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अब कमान संभाली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 फरवरी 2025 को माघी पूर्णिमा के स्नान के दृष्टिकोन से प्रयागराज महाकुंभ में लागू की गई आगामी यातायात योजना।
गौरतलब है कि महाकुंभ में अब तक 44 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। वो भले हीं रेल मार्ग हो या सड़क हर तरफ भीड़ प्रयागराज की ओर ही जाती दिख रही है। जिसकी वजह से मेला प्रशासन ने यातायात की व्यवस्था में बदलाव किया है। मेला क्षेत्र में सुचारू रूप से श्रद्धालुओं का स्नान संपन्न कराने के लिए 11 फरवरी यानी मंगलवार को प्रातः 4:00 बजे से आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के अतिरिक्त संपूर्ण मेला क्षेत्र को No Vehicle zone होगा।
मेला क्षेत्र में घोषित नो व्हीकल जोन
प्रयागराज शहर में महाकुंभ स्नान के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को 11 फरवरी को प्रातः 4:00 बजे के पश्चात संबंधित रूट की पार्किंग में पार्क कराया जायेगा। उक्त व्यवस्था में आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट मिलेगी। श्रद्धालुओं के प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में सुगम आवागमन एवं स्नान के दृष्टिगत प्रयागराज शहर में 11 फरवरी को सायंकाल 5 बजे के पश्चात No Vehicle zone लागू किया जाएगा। उक्त व्यवस्था में आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी। यातायात की यह व्यवस्था 12 फरवरी को मेला क्षेत्र से श्रद्धालुओं के सुगमतापूर्वक निकासी तक लागू रहेगी। प्रयागराज एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश और निकासी पर उपरोक्त प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू होगा।
चलना पड़ सकता है 8 से 10 किमी
अगर आप प्रयागराज जा रहे हैं तो आपको 8 से 10 किमी तक चलना पड़ सकता है। बॉर्डर से ही आपको शटल बस या फिर ऑटो के माध्यम से शहर में प्रवेश करना होगा। वहाँ से आपको मेला क्षेत्र जाने के लिए 8 से 10 किमी तक पैदल चलना पड़ सकता है। अगर जरूरी ना हो तो आप 12 फरवरी के माघी पूर्णिमा स्नान के बाद ही प्रयागराज जाए।






