आज पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को 11 दिन हो चुका। इन दिनों में सिर्फ दो देशों में ही तबाही नहीं पहुंची है। लेबनान में भी ताबड़तोड़ इजरायली हमले चल रहे हैं। इन देशों की लड़ाई में पूरी दुनिया पिस रही है, जो ऊर्जा संकट पर भी दस्तक दे चुकी है। युद्ध उस दौर में है, जहां निर्णय होता तो नहीं दिख रहा लेकिन इसके खिंचने से नुकसान जरूर हो रहा है। इस बीच अमेरिका के बैकफुट पर जाने के संकेत दिखे, जब उसने इजरायल को ईरान के तेल-गैस सेंटर्स पर हमले करने को रोका।
US-Israel-Iran War Updates:
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया है। रात भर पूरे पश्चिम एशिया में हवाई हमले के सायरन, मिसाइल लॉन्च और नए हमलों की खबरें सामने आईं। इजरायल और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले जारी रखे, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों को निशाना बनाया। हालांकि अब इन हमलों से ज्यादा बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है, जिसके बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इसी बीच अमेरिका ने इजरायल को कहा है कि वो ईरान तेल-गैस सेंटर्स पर हमले करना बंद करे।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने अपने सैन्य अभियान की 35वीं लहर शुरू कर दी है। इसमें मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के मध्य हिस्सों को निशाना बनाया गया। वहीं इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े कई ठिकानों पर एक और बड़ा हमला किया। उधर इजरायली पीएम नेतन्याहू का ईरान के लोगों को सीधा संदेश यह आपके लिए जीवन में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है जिससे आप अयातुल्लाहशासन को हटाकर अपनी स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं। अयातुल्ला अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं जानता हूं कि आप नहीं चाहते कि उनकी जगह कोई दूसरा तानाशाह आए।
बढ़ा स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज पर तनाव, बड़ी मुसीबत
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया, जिनमें बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज भी शामिल थे। हॉर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है क्योंकि यहां से दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की सप्लाई गुजरती है। रिपोर्टों के अनुसार ईरान इस जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसके बलों ने इस अहम तेल मार्ग के पास इन जहाजों को निशाना बनाया।
13 हज़ार से ज्यादा हो चुकी है मौत
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि युद्ध शुरू होने से अब तक अमेरिका और इजराइल के हमलों में 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में मिले मिसाइल के अवशेष अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के हो सकते हैं। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि ईरान के हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर है।
बढ़ रहा संघर्ष का दायरा
- इस युद्ध का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है. लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया इलाके में इजरायल ने हवाई हमले किए, जो ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को हुए हमलों में कम से कम 95 लोगों की मौत हुई। वहीं हिज्बुल्लाह ने उसी दिन इजरायल पर 30 हमले करने का दावा किया।
- खाड़ी देशों में भी हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए। बहरीन ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसने 106 मिसाइल और 176 ड्रोन मार गिराए हैं। कतर ने सात मिसाइल हमलों की पुष्टि की जबकि कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में पांच ड्रोन घुसने की जानकारी दी।
- सऊदी अरब ने चार ड्रोन और 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसके खिलाफ 1,475 ड्रोन और 260 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेता जा रहा है।









