पटना. बिहार विधानसभा का इस बार का चुनाव कई मायनों में खास होने वाला है. हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जीत से उत्साहित बीजेपी बिहार में भी नए-नए प्रयोग करने लगी है. बिहार चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने मछली, मल्लाह और मखाना Triple- M वाला पॉलिटिक्स शुरू कर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बैकफुट पर ला दिया है. बीजेपी ट्रिपल- M वाला फॉर्मूले से बिहार के एक बड़े वोट बैंक को साधने में लग गई है. बिहार में मखाना बोर्ड का गठन, मछली पालन के लिए कई योजनाएं और मिथिलांचल में कोसी प्रोजेक्ट की मंजूरी देकर बीजीपी ने एक बड़े वोट बैंक को साध लिया है.
बिहार के आगामी चुनाव में अब पार्टियों की राजनीति धीरे-धीरे साफ होने लगी है. इस बार आरजेडी मछली, मल्लाह और मखाना वाली पॉलिटिक्स शायद ही कर पाए. क्योंकि, बीजेपी ने मछली, मल्लाह और मखाना पर पहले ही बड़ा दांव खेल दिया है. ऐसे में तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी लोकसभा चुनाव की तरह ही आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हेलिकॉप्टर में मछली खाकर वीडियो पोस्ट करते रहेंगे और बीजेपी कहीं बाजी न मार ले जाए. क्योंकि, बीते लोकसभा चुनाव में दोनों ने मछली, मखाना और मल्लाह को लेकर खूब राजनीति की थी.
मछली, मखाना और मल्लाह कार्ड से जीतेगी बीजेपी?
बीजेपी ने बिहार चुनाव से ठीक पहले बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलकर सबको हैरान कर दिया है. मोदी सरकार के इस फैसले से वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी की राजनीति भी खतरे पड़ सकती है. बिहार में सन ऑफ मल्लाह के नाम से फेमस मुकेश सहनी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ बिहार में तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़े थे. लेकिन, तीनों सीट पर उनकी हार हुई थी. इस हार के बाद मुकेश सहनी ने मल्लाह वोटरों के साथ-साथ मिथिलांचल इलाके में ब्राह्मण चेहरों को भी पार्टी में शामिल कराना शुरू कर दिया था. बीजेपी और जेडीयू को जैसी ही इस बात की भनक लगी, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने खेल कर दिया. इस बार के बजट में मिथिलांचल को एक से बढ़कर कई योजनाओं की सौगात देकर मोदी सरकार ने तेजस्वी यादव को तगड़ा झटका दे दिया.








