नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान को लेकर भारत का स्टैंड एकदम सही साबित हुआ. भारत ने दो टूक कह रखा है कि जब तक पाकिस्तान से आतंकवाद पर नकेल नहीं कसती, कोई द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं होगा. इसी वजह से भारतीय टीम ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 खेलने पाकिस्तान नहीं गई. उसके मैच दुबई में हो रहे हैं. दुनिया की अन्य टीमों के जैसे टीम इंडिया भी पाकिस्तान जाती तो आज खौफ के साये में होती. शुक्रवार को हमारे पड़ोसी मुल्क में दो बम धमाके हुए. एक धमाका तो मस्जिद के भीतर हुआ जहां आतंकवाद की नर्सरियां चलती हैं. दो अलग-अलग बम धमाकों ने टूर्नामेंट के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए. ये वही टूर्नामेंट है, जिसे लेकर पाकिस्तान ने आईसीसी और सभी भाग लेने वाली टीमों (भारत को छोड़कर) को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया था. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं.
धमाके में मारा गया तालिबान का खास मौलवी
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा जिले में एक मस्जिद में हुए विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए. इस हमले में मारे गए एक मौलवी का तालिबान से करीबी संबंध बताया जा रहा है. इसके अलावा, बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी एक और धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हो गए. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन धमाकों ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है.
अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. हालांकि, कुछ टीमें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो सकती हैं, खासकर न्यूजीलैंड जैसी टीम, जिसने सुरक्षा कारणों से पहले भी पाकिस्तान का दौरा रद्द किया था.
टूर्नामेंट में पाकिस्तान की लुटिया डूबी
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा. मेजबान टीम बिना एक भी जीत दर्ज किए टूर्नामेंट से बाहर हो गई. पाकिस्तान का अंतिम ग्रुप मैच बांग्लादेश के खिलाफ था, लेकिन बारिश के कारण यह मैच रद्द हो गया और टीम ग्रुप में सबसे निचले स्थान पर रही. पाकिस्तान के इस खराब प्रदर्शन के बाद अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद इस मामले को देख रहे हैं. उन्होंने संसद और कैबिनेट में क्रिकेट से जुड़े मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है.
पाकिस्तान क्रिकेट के इस गिरते स्तर को लेकर सरकार और प्रशंसकों में भारी गुस्सा है. PCB और टीम चयन समिति पर भी सवाल उठ रहे हैं. कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने टीम की रणनीति और चयन प्रक्रिया की आलोचना की है. मुख्य कोच आकिब जावेद ने टीम के चयन को सही ठहराने की कोशिश की, लेकिन PCB के अंदरूनी मामलों ने टीम की खराब स्थिति को और उजागर कर दिया. PCB के विवादित फैसलों की वजह से विदेशी कोच जेसन गिलेस्पी पहले ही अलग हो चुके हैं.








