विजेथुआ धाम : जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल विजेथुआ महावीरन धाम में होली का पर्व पूरी भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धाम परिसर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने बजरंगबली के सानिध्य में जमकर पुष्प और गुलाल की होली खेली।
भक्ति के रंग में रंगा मंदिर परिसर
सुबह से ही धाम में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। भगवान के दर्शन के बाद मंदिर प्रांगण में फागोत्सव की शुरुआत हुई। ‘जय श्रीराम’ और ‘बजरंगबली की जय’ के जयकारों के बीच जब आसमान से फूलों की बारिश हुई, तो पूरा माहौल अलौकिक हो उठा। चारों तरफ उड़ते लाल, गुलाबी और पीले गुलाल ने धाम की छटा को और भी मनमोहक बना दिया।
उमड़ी भारी भीड़, दिखा गजब का उत्साह
इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनने के लिए न केवल स्थानीय लोग, बल्कि दूर-दराज से भी श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे थे। भीड़ का आलम यह था कि पूरा मंदिर परिसर खचाखच भरा हुआ नजर आया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—सभी फाल्गुन की मस्ती में सराबोर दिखे। लोगों ने एक-दूसरे पर फूल बरसाए और गालों पर गुलाल लगाकर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।
श्रद्धालुओं ने बताया अद्भुत अनुभव
होली खेलने आए श्रद्धालुओं का कहना था कि विजेथुआ धाम में भगवान के चरणों में पुष्प और गुलाल की होली खेलने का अनुभव बेहद शांतिदायक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। यहाँ की होली में कोई हुरदंग नहीं, बल्कि सिर्फ शुद्ध भक्ति और प्रेम का भाव देखने को मिलता है।
प्रशासन की रही मुस्तैदी
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और रंगोत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।






