जिंदगी बचाने की आस लेकर रांची से दिल्ली के लिए उड़ी एक एयर एंबुलेंस सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले में एक खौफनाक हादसे का शिकार हो गई। सिमरिया ब्लॉक के घने जंगलों में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक मरीज, उनके दो परिजन, दो पायलट और मेडिकल टीम के दो सदस्य (डॉक्टर और पैरामेडिक) शामिल हैं।खराब मौसम के कारण रडार से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘रेडबर्ड एयरवेज’ के ‘बीचक्राफ्ट C90’ एयर एंबुलेंस ने सोमवार शाम करीब 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के महज 23 मिनट बाद, शाम 7:34 बजे के आसपास विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रडार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। अधिकारियों ने बताया कि संपर्क टूटने से ठीक पहले पायलट ने एटीसी को खराब मौसम की जानकारी दी थी और रास्ता बदलने (रूट डेविएशन) की अनुमति मांगी थी। इसके कुछ ही देर बाद विमान चतरा जिले के सिमरिया स्थित कथियातु गांव के पास घने जंगलों में क्रैश हो गया।इलाज के लिए दिल्ली जा रहा था मरीज इस दुर्भाग्यपूर्ण उड़ान में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार सवार थे। बताया जा रहा है कि वह एक हादसे में बुरी तरह झुलस गए थे और उन्हें एडवांस लाइफ सपोर्ट के साथ बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में ले जाया जा रहा था। उनके साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और एक अन्य रिश्तेदार ध्रुव कुमार भी विमान में मौजूद थे।हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के नाम:कैप्टन विवेक विकास भगत (मुख्य पायलट)कैप्टन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)डॉ. विकास कुमार गुप्ता (मेडिकल अफसर)सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक)संजय कुमार (मरीज)अर्चना देवी (मरीज की पत्नी)ध्रुव कुमार (मरीज का रिश्तेदार)देर रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन, जांच के आदेश ग्रामीणों से विमान गिरने की सूचना मिलते ही चतरा जिला प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें फौरन मौके के लिए रवाना हो गईं। घना जंगल और अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात तक चले अभियान के बाद मलबे से सभी 7 शवों को बरामद कर लिया गया।प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह आंधी-तूफान (Thunderstorm) और अचानक मौसम का बिगड़ना माना जा रहा है। मामले की विस्तृत और तकनीकी जांच के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीमें घटनास्थल पर पहुँच रही हैं। टीम विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) की तलाश करेगी, जिससे हादसे के वक्त की असल वजह और पायलट की आखिरी बातचीत का खुलासा हो सकेगा।






