पत्रकारिता, खासतौर पर आंचलिक पत्रकारिता। सदैव दुरूह होती है। हमारे निर्भीक, साहसी और ईमानदार पत्रकार सीतापुर की महोली तहसील के दैनिक जागरण के प्रभारी राघवेंद्र वाजपेयी को कायरों ने गोली मार दी। कर्म पथ पर वे बलिदान हो गए। राघवेंद्र की कलम की धार से तिलमिलाए सियारों ने यह दुस्साहस किया है। इन बुजदिलों का इलाज होगा।😡राघवेंद्र ने धान क्रय केंद्र पर गड़बड़ी और भूमि खरीद में स्टांप ड्यूटी चोरी का राजफाश करते हुए धारदार खबरें लिखीं। दैनिक जागरण में प्रकाशित इन खबरों का व्यापक असर हुआ और कई लोगों पर कार्रवाई हुई। राघवेंद्र के परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है। ईश्वर सहनशक्ति दें।श्रद्धांजलि राघवेंद्र जी।🙏






