दिल्ली: जस्टिस यशवंत वर्मा के घर तीन जजों की टीम पहुँची, साथ ही दिल्ली पुलिस की टीम भी आग लगने वाली जगह पहुँची। जहाँ से दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी जब्त कर लिया और अपने साथ ले गई। हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर बड़े पैमाने में कैश बरामद होने के मामले में दिल्ली पुलिस की जाँच 12 दिन बाद आगे बढ़ी है। 25 मार्च बुधवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पहुँची और वो स्टोर रूम को सील किया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वहाँ नोटों के भरे कई बोरे मिले थे, जिनमें आग लगी थी। यह घटना उस वक्त सामने आई, जब जस्टिस वर्मा के घर के एक हिस्से में आग लग गई थी। फायर कंट्रोल रूम को फोन किया गया तो मौके पर टीम पहुँची और उसने नोटों से भरे बोरे पाए, जिनमें से कुछ नोटों के जलने की बात कही जा रही है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कुछ वीडियो और फोटो हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजे हैं।
दरअसल जज का कहना है कि स्टोर रूम उनके घर के मुख्य परिसर का हिस्सा नहीं है और वो बाहर स्थित है। ऐसे में यदि वहाँ कुछ मिला है तो जरूरी नहीं है कि उससे उनका ही संबंध हो। जस्टिस वर्मा की ओर से ऐसी दलील दिए जाने के बाद सत्यता की जाँच करने के लिए भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज को अहम मान रही है। इस मामले की पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की ओर से अलग-अलग जाँच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि फुटेज की अब तक जो जाँच हुई है, उसमें किसी अवैध एंट्री की जानकारी नहीं मिली है।
सूत्रों ने बताया कि जो भी कैमरे हैं, वे मेन गेट को फोकस करके नहीं लगे हैं। ऐसे में यह रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है कि किसकी कब एंट्री हुई और एग्जिट हुई। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित जांच आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट माँगी है। उसके आधार पर ही पुलिस ने 40 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार की है। इस मामले की जाँच के लिए अडिशनल सीपी लेवल के दो अधिकारियों को जिम्मेदारी मिली है। बुधवार को डीसीपी देवेश महला और एसीपी वीरेंद्र जैन मौके पर पहुँचे। उनके साथ एक कैमरा टीम भी थी।
दो घंटे तक पड़ताल के बाद टीम लौटी तो जाते हुए कमरे को भी सील कर गई। इससे पहले उस स्टोररूम की वीडियोग्राफी भी हुई, जहाँ बड़े पैमाने पर कैश मिलने का दावा हो रहा है। बता दें कि होली के दिन 14 मार्च को रात में 11:15 पर आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को मिली थी। मौके पर फायर ब्रिगेड पहुँचा तो वहाँ कमरे में कुछ बोरों में नोट भरे हुए मिले। इनमें से कुछ नोट अधजली अवस्था में थे।








