मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने अपने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा। 9 फ़रवरी रविवार को राजधानी इंफाल में एन बीरेन सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंफाल स्थित राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपने मुख्यमंत्री पद का इस्तीफा सौंप दिया।
सूत्रों के अनुसार एन बीरेन सिंह के साथ बीजेपी और NPF के 14 विधायक भी थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ए शारदा और वरिष्ठ बीजेपी नेता संबित पात्रा भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय लौटे।
एन बीरेन सिंह 2017 में पहली बार पूर्वोत्तर राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान 3 मई 2023 से राज्य में मीतेई और कुकी-ज़ो ग्रुप्स, जो पहाड़ी जिलों में बहुसंख्यक है उनके बीच जातीय संघर्ष में 250 से अधिक लोग मारे गए और हजारों बेघर हुए।
राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा
राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में एन बीरेन सिंह ने कहा, “मणिपुर के लोगों की सेवा करना अब तक सम्मान की बात रही। मैं हर मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए समय पर की गई कार्रवाई, हस्तक्षेप, विकास कार्यों और विभिन्न प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं”। दिल्ली से लौटने के कुछ घंटे बाद हीं एन बीरेन सिंह ने अपने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा।
इससे पहले शनिवार 8 फ़रवरी को एन बीरेन सिंह ने सोमवार 10 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के सिलसिले में मुख्यमंत्री सचिवालय में बीजेपी की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के साथ बैठक की थी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई बैठक में कम से कम 20 विधायक मौजूद थे। यह बैठक विपक्षी कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग के मद्देनजर आयोजित की गई थी।






