पटना हाईकोर्ट में 4 फरवरी मंगलवार को BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने को लेकर के सुनवाई होनी थी जो टल गई। माननीय न्यायाधीश के नहीं आने के कारण सुनवाई टाल दी गई। इससे पहले 31 जनवरी को जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल के छुट्टी पर रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई थी। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने 30 जनवरी को 8 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया था, जिसमें 3 बार पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई थी।
30 जनवरी से पहले उच्च न्यायालय ने मांगा था एफिडेविट
16 जनवरी को सुनवाई हुई इस दौरान उच्च न्यायालय ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा था। इसके साथ ही BPSC 70वीं PT पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज समेत कई अन्य याचिकाएं री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर की गई है। सभी याचिकाओं को अब एक साथ जोड़ दिया गया है। जनसुराज के अलावा पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और खान सर की ओर से भी हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। जिसमें री-एग्जाम कराने और प्रदर्शनकारी अभ्यथियों के खिलाफ दर्ज हुए FIR को वापस लेने की मांग की गई है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा उच्च न्यायालय जाना चाहिए
इससे पहले बिहार की आनंद लीगल एंड फोरम ट्रस्ट द्वारा उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई थी लेकिन उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई से इनकार कर दिया था। CJI संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार, जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा था- ‘आपको आर्टिकल 226 के तहत पटना उच्च न्यायालय जाना चाहिए’।






