अयोध्या विकास प्राधिकरण में हुए घोटालों को लेकर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश जारी किए, जबकि उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने भी जवाब तलब किया।अंतरिक्ष तिवारी ने कहा, “हमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा। लेकिन अगर पर्याप्त सबूत होने के बावजूद मामला दबाने की कोशिश हुई, तो हम कोर्ट का सहारा लेंगे।”इस बार मामला सिर्फ सचिव सत्येंद्र सिंह तक सीमित नहीं है। विकास प्राधिकरण के विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे कई अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं।वशिष्ठ कुंज योजना और अन्य विकास योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिले हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई अभी सामने आनी बाकी है।






