म्यांमार में भूकंप से हुए भारी नुकसान का दृश्य भयावा है। शुक्रवार को 7.7 की तीव्रता से आए भूकंप की वजह से म्यांमार और थाईलैंड में कई इमारतों को नुकसान पहुँचा। इसके बाद भी भूकंप का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। म्यांमार में आधी रात को एक बार फिर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक रात को 11 बजकर 56 मिनट पर म्यांमार में भूकंप आया है। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टल स्केल पर 4.2 दर्ज की गई है। इसका केंद्र म्यामांर के मांडले शहर के पास था। वहीं आधी रात को आए इस भूकंप के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप में कम से कम अब तक 704 लोगों की मौत हो गई है और 1670 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव का काम अभी जारी है इसलिए मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वहीं पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक ऊंची इमारत निर्माण कार्य के दौरान ढह गई। इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।
अफ़ग़ानिस्तान में भी डोली धरती
वहीं अफगानिस्तान में भी शनिवार सुबह 5:16 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। जमीन से 180 किमी की गहराई में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई। अभी तक किसी तरह के नुकसान या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई। यह भूकंप म्यांमार और थाईलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप के एक दिन बाद आया है।
भारत ने यांगून भेजी 15 टन राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी जानकारी, उन्होंने बताया कि भारत से भेजी गई मदद की पहली खेप यांगून पहुँच गई है। इससे पहले AFS हिंडन से भारतीय वायुसेना का सी 130 जे विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए उड़ान भरा था। इस विमान में लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, आवश्यक दवाएं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज, मूत्र बैग आदि) शामिल थे।








