बजट के बाद जो सबसे पहला सवाल हम सबके दिमाग में आता है, वो ये कि “भैया, अब जेब पर कितना असर पड़ेगा?” तो चलिए, आंकड़ों और लंबी-चौड़ी बातों को किनारे रखकर सीधे मतलब की बात करते हैं।इस बजट में सरकार ने कुछ चीजों पर तो दिल खोलकर राहत दी है, लेकिन कुछ जगहों पर नकेल भी कसी है। सबसे बड़ी राहत उन परिवारों के लिए है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। कैंसर की 17 दवाइयों पर अब कोई सीमा शुल्क (Customs Duty) नहीं लगेगा, जिससे इलाज का खर्च काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी अब सस्ती मिलेंगी।अगर आप गैजेट्स के शौकीन हैं या घर के लिए सामान खरीदना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मोबाइल फोन और टैबलेट अब सस्ते हो सकते हैं क्योंकि इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ हिस्सों पर ड्यूटी घटाई गई है। किचन में काम आने वाला माइक्रोवेव ओवन भी अब आपकी जेब पर कम बोझ डालेगा। वहीं, अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी राहत है। विदेश यात्रा के पैकेज पर लगने वाला टैक्स (TCS) 5-20% से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। यानी अब विदेश में छुट्टियां मनाना और बच्चों की बाहर की पढ़ाई थोड़ी सस्ती होगी।लेकिन, कुछ चीजें ऐसी भी हैं जो अब और कड़वी होने वाली हैं। अगर आप शौक के लिए शराब या सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं, तो तैयार रहिए, क्योंकि इन पर टैक्स बढ़ गया है। प्रीमियम घड़ी और विदेश से आने वाले लग्जरी सामान भी अब महंगे होंगे। शेयर बाजार के खिलाड़ियों के लिए भी बुरी खबर है; फ्यूचर्स और ऑप्शन्स (F&O) ट्रेडिंग पर लगने वाला टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे अब ट्रेडिंग करना पहले से महंगा पड़ेगा।
चलिए, एक नज़र डालते हैं पूरी लिस्ट पर:
क्या हुआ सस्ता? (खुशखबरी) क्या हुआ महंगा? (झटका)कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां (17 मुख्य दवाएं अब ड्यूटी-फ्री) शराब और प्रीमियम स्पिरिट्स (ड्यूटी में बढ़ोतरी)मोबाइल फोन और टैबलेट (कंपोनेंट्स पर टैक्स कम हुआ) तंबाकू, सिगरेट और गुटखा ( excise duty बढ़ी)विदेशी टूर पैकेज (TCS 20% से घटकर 2% हुआ) शेयर बाजार ट्रेडिंग (F&O) (STT में इजाफा)माइक्रोवेव ओवन (पुर्जे सस्ते हुए) इम्पोर्टेड लग्जरी घड़ियां और जूतेसोलर पैनल और EV बैटरी (ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा) कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर (₹49 तक की बढ़ोतरी)विदेश में पढ़ाई और इलाज (TDS/TCS में राहत) कॉफी मशीनें (रोस्टिंग और ब्रूइंग मशीन महंगी होंगी)सोना और चांदी (कस्टम ड्यूटी में संभावित कटौती का असर) विदेशी खिलौने और कुछ प्लास्टिक सामान
आसान शब्दों में कहें तो, सरकार चाहती है कि आप सेहत, तकनीक और भविष्य की बचत (जैसे सोलर और पढ़ाई) पर पैसा लगाएं, लेकिन ऐशो-आराम और नशे वाली चीजों के लिए आपको ज्यादा कीमत चुकानी होगी। मिडिल क्लास के लिए यह बजट ‘संतुलन’ बिठाने वाला है, जहाँ रोजमर्रा की तकनीक तो सस्ती हुई है, लेकिन निवेश के कुछ रास्तों पर टैक्स की कैंची चली है।








