दिल्ली: 1984 में सिख दंगे के केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में सज्जन कुमार को दोषी पाया। अदालत ने दो लोगों की हत्या के मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी करार किया। सरस्वती विहार इलाके में दो लोगों की हत्या की गई थी और इस मामले में ही सज्जन कुमार को दोषी बनाया गया था।
इससे पहले 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित हत्या मामले में 7 फरवरी को अपना फैसला स्थगित कर दिया था। वर्तमान में सज्जन कुमार तिहाड़ जेल में बंद हैं। इससे पहले कुमार वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश हुए।
मामला पिता-पुत्र की हत्या का है
ये मामला सरस्वती विहार इलाके में 1 नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उसके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में अधिवक्ता अनिल शर्मा ने दलील दी थी कि सज्जन कुमार का नाम शुरू से ही नहीं था।
यह भी कहा गया कि विदेशी भूमि का कानून लागू नहीं होता और गवाह द्वारा सज्जन कुमार के नाम लेने में 16 साल की देरी हुई। अब सज्जन कुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने वाले मामले की अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
पीड़ितों की तरफ से पेश हुए थे
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फुल्का दंगा पीड़ितों की ओर से कोर्ट में हुए थे पेश और उन्होंने तर्क देते हुए कहा था कि सिख दंगों के मामलों में पुलिस के द्वारा जाँच में हेराफेरी हुई थी। एच एस फुल्का ने ये भी कहा था कि पुलिस जाँच धीमी थी और आरोपियों को बचाने की कोशिश भी की हुई थी। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट में यह तर्क भी दिया था कि दंगों के दौरान स्थिति असाधारण थी। इसलिए इन मामलों को इसी संदर्भ में निपटाया जाना चाहिए।








