हरियाणा-महाराष्ट्र में कांग्रेस की हार के बाद विपक्षी दल राहुल गांधी को इंडिया अलायंस का नेता मानने से इनकार कर रहे हैं

लोकसभा चुनाव में मजबूती के बाद लगा था सभी विपक्षी दल राहुल गांधी को इंडिया अलायंस का नेता मान चुके हैं. लेक‍िन हर‍ियाणा – महाराष्‍ट्र में कांग्रेस की हार क्‍या हुई, सब कांग्रेस को ही विलेन बताने लगे. कुछ द‍िनों पहले ममता बनर्जी ने कह दिया था क‍ि वह इंडिया अलांयस की कमान संभालने को तैयार हैं. उनके समर्थन में शरद पवार, उद्धव ठाकरे, तेजस्‍वी यादव समेत कई नेता आ गए थे. लेकिन अब अख‍िलेश यादव की पार्टी ने भी राहुल गांधी को नेता मानने से इनकार कर द‍िया है. सपा के एक नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट लिखा क‍ि अख‍िलेश यादव को इंडिया अलायंस का नेता बना द‍िया जाए. हालांक‍ि, बाद में उन्‍होंने अपना ट्वीट ड‍िलीट कर द‍िया.

सपा के नेता आई पी सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, सपा और अख‍िलेश यादव की कड़ी मेहतन की वजह से यूपी में बीजेपी साफ हो गई. वरना जिन राज्यों में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से हुआ वहां भाजपा को मजबूत बढ़त मिली. कारण कांग्रेस के भी हर एक कार्यकर्ता को पता है. राहुल गांधी की मनमर्जी का खामियाजा समूचा विपक्ष झेल रहा है. टी शर्ट पहने एक्टिविज्म कर रहे राहुल गांधी जमीन से उतने ही दूर हैं जितना आसमान. उन्हें ना कांग्रेस का अतीत पता, ना वर्तमान, उन्हें सामाजिक भावनाओं का भान और ना ही राजनीति का ज्ञान.

Screenshot

आईपी सिंह ने कुछ ही देर बाद अपना यह ट्वीट डिलीट कर द‍िया. (Photo_X_@IPSinghSp)

कुंभ पर भी घेरा
सपा नेता ने कुंभ को लेकर भी राहुल गांधी को घेरा. कहा, मेरा सवाल बस इतना है, आपका कुंभ आना या ना आना आपकी निजी आस्था हो सकती है, पर कुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं का मजाक बना कर आख‍िर आपकी पार्टी ने क्या हासिल कर लिया? सही मायने में राहुल गांधी ही पीएम मोदी की सबसे बड़ी ताकत हैं. जिस शख्‍स ने अपनी पार्टी के टुकड़े टुकड़े कर दिए और दिन प्रतिदिन सिर्फ भाजपा को मजबूत किया.

इस्‍तीफा देने की मांग
अख‍िलेश यादव की तारीफ करते हुए सपा नेता ने कहा, राहुल जी आप विपक्ष के नेता के रूप में पूरी तरह विफल हैं. आपने जनहित से जुड़ा एक भी मुद्दा सड़क तक नहीं पहुंचाया है. आप विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा दें और सर्वसम्मति से इंडिया गठबंधन का नेता अख‍िलेश यादव को बनाया जाए. अगर ऐसा हुआ तो सड़क से लेकर संसद तक आम आदमी की आवाज गूंजेगी. क्यूंकि अब ज़मीन से जुड़े मुद्दों को देश का मुद्दा बनाने के लिए ‘धरतीपुत्र’ की जरूरत है.

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