लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष से लगभग 12% अधिक है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का यह 10वां बजट राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जिसमें नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।मुख्य आंकड़े बजट का कुल आकार 9,12,696 करोड़ रुपये है, जिसमें राजस्व व्यय पर फोकस के साथ पूंजीगत व्यय को बढ़ावा दिया गया।वित्तीय घाटा 3% पर नियंत्रित रखा गया, जबकि औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ (13% वृद्धि) और पुलिस भवनों पर 2,617 करोड़ आवंटित।राज्य ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) में बेहतर रैंकिंग हासिल की।रोजगार और युवा विकास 10 लाख नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया, जिसमें स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स, महिलाओं के लिए अलग केंद्र और PPP मोड पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर शामिल।स्टार्टअप्स, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शुरू होंगी।स्वास्थ्य और शिक्षा फोकस स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट का 6% आवंटन मिला, जिसमें 16 नए मेडिकल कॉलेज, 3 नई यूनिवर्सिटीज और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे।शिक्षा पर भी विशेष जोर, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, छात्रवृत्तियां और मेधावी बेटियों को स्कूटी वितरण शामिल।इंफ्रास्ट्रक्चर व कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर 27,103 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें नए इंडस्ट्रियल एरिया, एग्री-एक्सपोर्ट हब और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली-वाराणसी) शामिल।कृषि को 9% बजट मिला, किसानों के लिए कल्याण कोष और जीरो पॉवर्टी अभियान पर फोकस।यह बजट चुनावी साल से पहले विकास, रोजगार और कल्याण पर केंद्रित है, जो यूपी की 6 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का दावा करता है।






