Bijaynagar Blackmail Case: बिजयनगर ब्लैकमेल कांड की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग हुई है। साथ ही आरोपियों की अवैध संपत्ति को जल्द हटाने कि लिए प्रशासन से मांग की गई है।

SIT गठन की मांग – फोटो
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बिजयनगर ब्लैकमेल कांड की गंभीरता को देखते हुए ब्यावर कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन करें। आरोपियों की अवैध संपत्ति को जल्द हटाएं। आरोपियों को मिलने वाली फंडिंग की भी विशेष जांच करें, ताकि प्रकरण में पर्दे के पीछे रहकर अवैध गतिविधियां चलाने वाले चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
बिजयनगर ब्लैकमेल कांड की जांच एवं अन्य मांगों को लेकर सर्वसमाज संघर्ष समिति बिजयनगर ने शनिवार को अजमेर अध्यक्ष रमेश सोनी के नेतृत्व में विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के निवास पर मुलाकात की। समिति ने देवनानी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और गहन जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) गठित करने का आग्रह किया। समिति ने बताया कि यह पूरा मामला एक संगठित अपराध का है और इसमें योजनाबद्ध रूप से मासूम और नाबालिग बच्चियों को फसाने की साजिश रची गई
इस पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने ब्यावर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिए कि मामले की जांच के लिए यथा शीघ्र एसआईटी का गठन करें। इस कांड में नामजद शेष आरोपियों के खिलाफ शीघ्र गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जांच के दायरे को और विस्तृत करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि आरोपियों को फंडिंग कहां से हो रही थी। इस पर व्यापक और गहन जांच की जाए।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी निर्देशित किया कि आरोपियों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त किया जाए, ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके और कानून का पालन सुनिश्चित हो सके। देवनानी ने यह भी कहा कि प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। देवनानी ने ब्यावर और अजमेर पुलिस को निर्देश दिए कि हाइवे, शहरी क्षेत्र और छोटी कॉलोनियों में बने कैफे, रेस्टोरेंट और अन्य स्थानों पर जांच को निरन्तर जारी रखा जाए, ताकि समय रहते ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने अभिभावकों, स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और बच्चों से सीधा सम्पर्क में रहने वाले सभी लोगों से अपील की कि वे किसी भी असामान्य स्थिति पर नजर रखें और किसी भी तरह की परेशानी वाली जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस और प्रशासन को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि अजमेर के ब्लैकमेल कांड के जख्म अभी भी पूरी तरह भरे नहीं हैं और बिजयनगर का यह ब्लैकमेल कांड बहुत बड़ा धब्बा है। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।






