पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप रविवार देर रात जलबल (जलगलाबाद) के पूर्व में लगभग 17 मील दूर उथली गहराई पर आया, जिससे व्यापक तबाही हुई और कई गांव मलबे में दब गए।अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मौतों का आंकड़ा कम-से-कम 1,411 तक पहुंच गया है और घायलों की संख्या 3,100 से अधिक बताई जा रही है, जबकि कई लोग अभी भी दबे होने की आशंका है।
सबसे प्रभावित इलाक़े
अधिकतर जनहानि कुनर प्रांत में हुई, जबकि नंगरहार और लगमान में भी मौतें व चोटें दर्ज हुई हैं, जहां कच्चे-मिट्टी और लकड़ी के घर रात में सोते समय ढह गए ।पहाड़ी, दुर्गम भूभाग और भूस्खलन से सड़कों के बंद होने के कारण जमीनी पहुंच कठिन है, जिससे राहत-evacuation में देरी हो रही है।
राहत और चुनौतियां
हेलीकॉप्टरों के ज़रिये रेस्क्यू जारी है, लेकिन कई दूरदराज़ गांवों तक टीमें अभी नहीं पहुंच पाई हैं; संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहायताओं की अपील की गई है।तालिबान प्रवक्ता के अनुसार हजारों घर नष्ट हुए हैं; जलभराव/बारिश और आफ्टरशॉक्स से खोज-बचाव में जोखिम और बढ़ा है।
आफ्टरशॉक और जोखिम
मंगलवार को 5.2 तीव्रता का मजबूत आफ्टरशॉक उसी क्षेत्र में दर्ज हुआ; लगातार झटके लोगों को खुले में रहने पर मजबूर कर रहे हैं, हालांकि नए झटकों से फिलहाल अतिरिक्त हताहत की पुष्टि नहीं है।क्षेत्र भारत-यूरेशिया प्लेटों के संगम पर है, जहां उथले भूकंप अधिक नुकसानदेह होते हैं; 6.0 तीव्रता के झटकों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी घना रहा है।
वर्तमान स्थिति
कई गांवों में लोग मलबा हटाकर स्वयं भी बचाव कर रहे हैं; चिकित्सा, भोजन और आश्रय की तीव्र कमी बताई जा रही है।अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां आपात सहायता जारी कर रही हैं, पर पहुंच सीमित है; मौतों का आंकड़ा आगे बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है।








