दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और शिक्षा को व्यवसायीकरण करने पर उठाए सख्त कदम। डीपीएस द्वारका समेत 11 स्कूलों को शो कॉज नोटिस (कारण बताओ नोटिस) जारी किया गया हैं। दिल्ली के शिक्षा इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब स्कूली छात्रों को इस तरह की सीधी राहत दी गई।
सीएम रेखा की सरकार ने दिखाई सख्ती
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फीस बढ़ोतरी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए सीएम रेखा के निर्देश पर एसडीएम की अध्यक्षता में विशेष ऑडिट टीमों का गठन हुआ। इन टीमों ने अब तक 600 से अधिक स्कूलों का ऑडिट पूरा किया है।
डीपीएस समेत 10 स्कूलों को नोटिस अब होगी कार्रवाई
ऑडिट में अब तक के 10 स्कूलों पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया स्पष्ट सख्त कार्रवाई तय
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने ये स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, ‘हमने 600 स्कूलों से ऑडिट रिपोर्ट मंगाईं है और जिन स्कूलों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है’।
हमारी सरकार फुलेरा की पंचायत नहीं: शिक्षा मंत्री आशीष सूद
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछली सरकार आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हमारी सरकार को फुलेरा की पंचायत कहने वालों को देखना चाहिए कि ऐसे सरकार चलती है। फुलेरा की पंचायत वो थी जो 5 साल तक डीपीएस को नकेल नहीं डाल पाई। जो हाइकोर्ट में हार कर आई, क्यों नहीं कभी ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई। आठ दिन में 600 स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट दी। फुलेरा की पंचायत वो थी जो 5 साल में 700 स्कूलों की रिपोर्ट दे पाई थी’।








