:सूरापुर क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बरही का समापन भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ। जन्माष्टमी के बारहवें दिन होने वाला यह आयोजन वर्षों से परंपरा के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।आयोजन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की अद्भुत झांकियों से हुई। बच्चों ने माखन चोरी, गोवर्धन लीला, कंस वध और रासलीला जैसे प्रसंगों का जीवंत मंचन कर लोगों को भाव-विभोर कर दिया। आकर्षक परिधानों, सजावट और सजीव अभिनय ने पूरे क्षेत्र को भक्ति भाव में डुबो दिया।आयोजन के दौरान आल्हा-बिरहा की गूंज ने समूचे वातावरण को और भी भव्य बना दिया। कलाकारों ने वीर रस और भक्ति रस से ओत-प्रोत गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। धार्मिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बरही को खास बना दिया।बरही के विशेष आकर्षणों में से एक रहा ‘डांस का महासंग्राम’ का सीजन-5, जिसमें क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों ने भाग लिया। विभिन्न भाषाओं के गानों पर प्रस्तुत किए गए ऊर्जावान डांस ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया।बरही के साथ-साथ आयोजित सूरापुर महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा सोशल मीडिया क्रिएटर्स का सम्मान समारोह। इसमें पास के जिलों से आए यूट्यूबर, डांसर, ब्यूटीशियन और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को सम्मानित किया गया। सम्मानित क्रिएटर्स ने कहा कि ऐसे मंच स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान देने और संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पूरे आयोजन के दौरान जगह-जगह भंडारे का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में उमड़ी भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बरही ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ किया, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, युवा प्रतिभाओं और डिजिटल क्रिएटर्स को एक साथ जोड़कर सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।






