दिल्ली कांग्रेस चीफ ने रेल मंत्री से की इस्तीफे की माँग, रेलवे की लापरवाही से हुई मौतें

दिल्ली: 15 फरवरी शनिवार रात देश की राजधानी दिल्ली के सबसे प्रमुख स्टेशनों में से एक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे से आज हर देशवासी दुखी है। प्रयागराज के महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने जा रहे कुछ लोग कभी भी इस दुःखद घटना को भूल नहीं पाएँगे। एक भगदड़ ने उन्हें सदा के लिए अपने परिजनों से छीन लिया। स्टेशन के अंदर मची चीख पुकार में उन 18 जिंदगियों की सांसें भी सदा के लिए थम गई। दिल को झंझोड़ कर रख देने वाले हादसे पर नेताओं ने शोक संवनेदनाएं व्यक्त की। इस बीच दिल्ली कांग्रेस चीफ देवेंद्र यादव ने हादसे पर नाराजगी जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा मांगा है। देवेंद्र यादव ने कहा कि हर बार नाकाम साबित हो रहे विफल रेल मंत्री को स्वयं जल्द से जल्द इस्तीफा दे देना चाहिए।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में इस दुखद हादसे पर कहा कि रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में हुई मौतें रेल प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। महाकुंभ जैसे इतने बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए भीड़ के प्रबंधन की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में हर बार नाकाम साबित हो रहे विफल रेल मंत्री को स्वयं तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

देवेंद्र यादव ने कहा कि रेलवे प्रशासन की लापरवाही के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौत का समाचार बेहद दुखद है। हमारी मांग है कि घटना की विस्तृत जाँच हो और पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। देवेंद्र यादव ने इस घटना पर एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ा 18 बताया गया है। इस दुख की घड़ी में हम उन पीड़ित परिवारवालों के साथ खड़े हैं। यह दुख और बढ़ गया कि जब पता चला कि लोगों में फ्री ट्रेन वाली अफवाह उड़ाई गई। किसी भी तरह की व्यवस्था न होने से लोगों की जानें गईं।

अब तक की जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद इस हादसे पर पूरी रिपोर्ट ले रहे हैं। इसके अलावा उत्तर रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि हम सभी को इस दुर्घटना पर बहुत दुख और खेद है। इस हादसे में 18 लोगों की जान गई है। रेल मंत्री ने 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सभी दिवंगत परिवारों को देने की घोषणा की है। लगभग सभी लोगों तक यह धनराशि वितरित हो गई है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। तथ्यों की जांच की जा रही है और शीघ्र ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी।

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