कैलेंडर वर्ष 2026 के प्रथम दिन गुरुवार को पौराणिक धाम कालिनेमि वध स्थली विजेथुआ महावीर हनुमान जी व पंचमुखेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर भवानीपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। पंचमुखेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर भवानीपुर में महादेव सहित द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर लोगों ने प्रथम दिन आंग्ल वर्ष 2026 की शुरुआत की।काशी के मानस कोविद पं. मदन मोहन मिश्र ने बताया कि शनि ग्रह से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कालिनेमि पर विजय पाने के कारण इस स्थान का नाम विजेथुआ पड़ा। जो कामना रूपी कालिनेमि को जीत ले अहंकार का हनन कर दे। उसके ऊपर निश्चित हनुमान जी की कृपा होती है।आंग्ल वर्ष 2026 के प्रथम दिन गुरुवार को भोर से ही विजेथुआ धाम परिसर में हनुमत भक्तों का जमावड़ा शुरू हुआ। जैसे ही मन्दिर का पट खुला मन्दिर परिसर हनुमत जयकारों से गुंजायमान हो गया।गुरुवार को भोर से ही दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो कि देर शाम तक चलता रहा।गलन भरी ठंड में भी दर्शनार्थी मकरी कुंड सरोवर में स्नान कर हनुमान जी को मीठी पूड़ी,फूल-माला, लड्डू के साथ सिंदूर भी चढ़ा कर मन के मुराद पूरी होने की कामना की। विदित हो कि कालनेमि वध स्थली विजेथुआ महावीरन धाम में पूर्वाचल ही नहीं प्रदेश के कोने कोने से श्रद्धालु दर्शन करने आते है।






