कुशीनगर: सुरक्षा के बीच कुशीनगर के हाटा में अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की समय-सीमा बीतते ही प्रशासन ने कुशीनगर के चर्चित मदनी मस्जिद को गिराने की कार्रवाई रविवार 9 फरवरी को शुरू कर दी। पांच बुलडोजर लगाकर सरकारी भूमि में हुए निर्माण को गिराया जा रहा है। एहतियात बरतते हुए शांति व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।
सीओ कसया कुंदन कुमार सिंह के नेतृत्व में 10 थानों की पुलिस एवं एक प्लाटून पीएसी मौके पर तैनात। मस्जिद पक्ष के लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने आठ जनवरी तक का स्थगन आदेश दिया था।
हाटा के करमहा तिराहा के समीप 2002 से बन रही चार मंजिला मदनी मस्जिद के निर्माण का मामला 17 दिसंबर 2024 को तब चर्चा में आया, जब भाजपा नेता रामबचन सिंह ने सीएम योगी से शिकायत कर कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर हाटा में एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद का निर्माण किया जा रहा। पैमाइश हुई तो पता चला कि छह डिसमिल सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर इसका निर्माण किया जा रहा।
तब प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी और आठ दिन की जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। इधर हाटा नगरपालिका ने भी निर्माण को लेकर नक्शा तलब किया, जिसे सात दिन पूर्व ही पक्षकारों ने प्रस्तुत किया। नक्शे को लेकर अभी जांच चल ही रही थी कि पुलिस को मस्जिद निर्माण में प्रयोग किए जा रहे धन और अन्य पहलुओं को लेकर बात खटकी दिखी तो बीते 25 जनवरी को मस्जिद पक्ष के जाकिर, शाकिर, जाफर सहित निर्माण समिति के अन्य सदस्यों के विरुद्ध राष्ट्र विरोधी गतिविधि, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच का दायरा बढ़ा दिया।
प्रशासन ने मस्जिद पक्ष के लोगों को जारी कर नेाटिस सरकारी जमीन पर हुए निर्माण को हटाने कहा। पक्षकारों की ओर से उस दिन चहारदीवारी तो गिरा ली गई लेकिन सरकारी जमीन में हुए भवन निर्माण को नहीं हटाया गया। कार्रवाई से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 8 जनवरी 2025 तक के लिए स्थगन आदेश दिया था। हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की समय सीमा बीतते ही 10 थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी संग पहुँचे सीओ कसया कुंदन सिंह ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।






