पंजाब पुलिस द्वारा किसानों के धरना स्थल पर की हुई कार्रवाई के बाद शंभू-अंबाला हाईवे पे 1 साल के बाद यातायात आरंभ हुई। इसके अलावा खनौरी बॉर्डर पर भी हरियाणा पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, जिससे उम्मीद है की जल्दी ही ये भी खुल सकेगा। आपको बता दें कि एक दिन पहले ही पंजाब पुलिस ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं को हिरासत में लिया था और बॉर्डर पर लगे उनके अस्थाई ढाँचों को ध्वस्त किया था।
शंभू और खनौरी पर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रशासन द्वारा फिलहाल वहाँ पर सड़कों को साफ करवाया जा रहा है। दूसरी तरफ पंजाब सरकार की इस कार्रवाई से नाराज़ किसानों ने मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की तरफ से दावा किया गया कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मोगा में महिला नेतृत्व में चल रहे एक समूह ने डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने जब उन्हें रोकने और वहाँ से हटाने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस के साथ भी हाथापाई की।
प्रदर्शनकारी किसानों पर की हुई इस कार्रवाई के बाद देश की राजनीति तेज हो चुकी है। पंजाब में सत्ता में बैठी आम आदमी पार्टी ने इस घटना को लेकर किसानों के प्रति अपने समर्थन को दोहराया लेकिन साथ ही साथ पंजाब की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए सड़कों को खोलने की आवश्यकता पर भी बल दिया। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने आप पर वोट के लिए विरोध स्थलों को खाली करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने दोनों दलों की आलोचना करते हुए इन पर मिलीभगत के साथ किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया।








